Saturday, 28 November 2015

बाॅयोलाजी की किताब से साँप और राक्षस निकलते हैं .....

" सर मैं रात में सो नहीं पाता, मेरे सपने में मुझे बाॅयोलाजी की किताब से साँप और राक्षस निकलते नजर आते हैं । मैं यहाँ नहीं रह पाउँगा | "
ऐ शब्द है कोटा के ऐलन में AIPMT की कोचींग कर रहे एक छात्र के। पिछले एक साल में कोटा में 24 छात्रों ने आत्महत्या की है। पुरे देश की बात करें तो सिर्फ बोर्ड एक्जाम के बाद के महीने में 2,406 छात्रों ने आत्महत्या कर ली, खुदा जाने क्यूँ इतनी घटनाओं के बावजूद भी कभी ऐ मुद्दा मीडिया या कर्णधारों के आँखों में नहीं आती।
आज किसानों की आत्महत्या को लेकर पुरे देश में रोश है, कोई भी राजनीतिक इन्सान शायद ही बचा हो जिसने इस मुद्दे पर बयान ना दिया हो | इससे भी बड़ी त्रासदी होने के बावजूद छात्रों की मौत  से किसी को गरज नहीं है |
क्या सिर्फ इसलीए क्युंकी यह छात्र आपकी राजनीती का हिस्सा नहीं हैं ? क्युंकी ऐ 18 से कम उम्र के हैं?
क्यूंकि वे सरकार नहीं बनाते ?
वाह री राजनीति , वाह रे देश  । क्या उस शख्स के कोई अधिकार है ही नहीं जो व्यस्क न हुआ हो ?

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